सोमवार, 30 अगस्त 2021

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामानयें

कदम्ब के वृक्ष को देख के सोचा  
कितना मनमोहक है ये
कृष्ण इसी फर झूलते होगें
इसके तले ही घूमते होगें 
गइया चराने जाते होगें 
अनेक लीलाए दिखाते होगें

माखन चोरी कर खाते होगें
मघुर मुरली की तान सुनाते होगें
उसको सुन सब बेसुध हो जाते होगें 
हर पल कृष्ण ही कृष्ण बुलाते होगें
यही तो कृष्ण रास रचाते होगें
माता यशोदा नन्द उनको लाड़ लगाते होगें
कह कान्हा- कान्हा बुलाते होगें

जब पीताम्बर पहन वो चलते होगें 
कामदेव क्षीण हो जाते होगें
उनकी सुन्दरता को देख ब्रजवासी सुख पाते होगें..

13 टिप्‍पणियां:

  1. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (31-8-21) को "कान्हा आदर्शों की जिद हैं"'(चर्चा अंक- 4173) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी।
    ------------
    कामिनी सिन्हा

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  2. भक्तिभाव पूर्ण सुंदर रचना

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  4. शाश्‍वत सत्‍य और कल्‍पना से रचा बसा है आपका ये कहना कि‍----हर पल कृष्ण ही कृष्ण बुलाते होगें
    यही तो कृष्ण रास रचाते होंगे
    माता यशोदा नन्द उनको लाड़ लगाते होंगे
    कह कान्हा- कान्हा बुलाते होगें
    ---वाह , अद्त

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  5. बहुत खूब | कृष्णजन्माष्टमी की शुभकामनायें

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  6. कृष्ण को समर्पित बहुत सुंदर भाव ।

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  7. बहुत सुंदर। जन्माष्टमी की खूब बधाईयां

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामानयें

कदम्ब के वृक्ष को देख के सोचा   कितना मनमोहक है ये कृष्ण इसी फर झूलते होगें इसके तले ही घूमते होगें  गइया चराने जाते होगें  अनेक...