शुक्रवार, 12 नवंबर 2021

प्रेम

स्त्रियां प्रेम को कई 
हिस्सों में बाँटकर 
अपना श्रृंगार करती हैं 
और हर हिस्सा 
अपने आप में 
पूर्ण होता है
गालों पर लालिमा 
होंठों पर मुस्कान 
आँखों में काजल 
माथे पर बिंदी 
लहराते बाल
बालों में फूल 
बस ऐसे ही वो 
अपने प्रेम को दर्शाती है ...

12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदर व प्यारी रचना 😍✨

    जवाब देंहटाएं
  2. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार
    (14-11-21) को " होते देवउठान से, शुरू सभी शुभ काम"( चर्चा - 4248) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है..आप की उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी .
    --
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
  3. स्त्री मन को परिभाषित करती सुंदर रचना ।

    जवाब देंहटाएं

प्रेम

स्त्रियां प्रेम को कई  हिस्सों में बाँटकर  अपना श्रृंगार करती हैं  और हर हिस्सा  अपने आप में  पूर्ण होता है गालों पर लालिमा  हों...