बुधवार, 7 अप्रैल 2021

मेरे शिव

         
                        चित्र -गूगल से साअभार 

मेरे इष्ट तुम 
मेरी सृष्टि तुम 
तुम ही मेरे आधार हो 
मेरा मौन भी सुन लेते हो
तुम ही मेरे पालनहार हो
मेरी हर समस्या का समाधान 
झट से तुम कर देते हो
मेरी आँखों से आँसू गिरे तो 
सारे दुःख हर लेते हो 
तुम सार हो विस्तार हो 
मेरे जीवन का आधार हो 
मैं तुमको पूजती हूँ भोले 
तुम ही मेरे संसार हो
   ........हर -हर महादेव 

26 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर और समर्पणभाव से रची गयी रचना।

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  2. सादर नमस्कार,
    आपकी प्रविष्टि् की चर्चा शुक्रवार ( 09-04-2021) को
    " वोल्गा से गंगा" (चर्चा अंक- 4031)
    पर होगी। आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    धन्यवाद.


    "मीना भारद्वाज"

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  3. आस्था में ही शिव है और जहाँ शिव वहीं सत्य और सुंदर है । प्यारी रचना

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  4. सुंदर गीत ।आपको बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. तुम सार हो विस्तार हो
    मेरे जीवन का आधार हो ----शिव और उनका शिवत्व...। बहुत अच्छी रचना है।

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  6. हर हर महादेव। ।।।।
    सृष्टि है, तो वो हैं,
    कोई और तथ्य नहीं, कुछ और सत्य नहीं।

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  7. सुंदर पावन समर्पित सृजन अपने आराध्य को।
    अभिनव।

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  8. बहुत ही सुंदर सृजन
    बधाई

    आग्रह है मेरे ब्लॉग को भी फॉलो करें
    आभार

    जवाब देंहटाएं

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