इतना लिखते ही उसकेआँखों से कई बूँद आसूँ निकलकर उस पन्ने को भिगो गया...
बुधवार, 3 मार्च 2021
कशमकश
कल तुम्हारा कॉल आया था। रिंगटोन सुनते ही मेेेेरे हाथ मोबाइल की तरफ बढ़े लेकिन तुम्हारा नाम पढ़कर अनायास ही पीछे हट गये, आँखें आसूँओं से डबडबा गयी। एक बार दिल किया कि कॉल रिसीव कर लूँ लेकिन फिर दिमाग ने ना कह दिया। दिल और दिमाग की कशमकश में दिमाग जीत गया और रिंगटोन की आवाज बन्द हो गयी। कुछ सेकेण्ड बाद फिर से कॉल आयी और एक बार फिर तुम्हारा नाम मोबाइल स्क्रीन पर चमकने लगा। मेरे हाथ मोबाइल के पास जाकर लौट आये। उगलियाँ अपने आप पीछे हो गयी। लेकिन फिर इस बार हिम्मत जबाव दे गयी और मोबाइल उठाकर मैंनें स्विच अॉफ कर दिया। जानते हो तुम्हारी कॉल का इन्तजार मैं कब से कर रही थी लेकिन देखो कॉल आयी और कट भी गयी। आज ना जाने किस खास वजह से तुमने मुझे कॉल किया था लेकिन वो वजह अब श्याद मेरे लिये बेवजह है। तुम्हारा नम्बर अभी तक सेव है मेरे मोबाइल,,, क्या करूँ डिलीट नहीं कर पाई वैसे तुमने तो मुझे अपनी ज़िन्दगी से कब का डिलीट कर दिया है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
होगा कुछ यूँ एक दिन
youtube होगा कुछ यू एक दिन कि तुम तक कोई नहीं पहुँच पायेगा जो तुम नजदीक आते लोगो से दूर भाग जाते हो वो तुमको...

-
youtube होगा कुछ यू एक दिन कि तुम तक कोई नहीं पहुँच पायेगा जो तुम नजदीक आते लोगो से दूर भाग जाते हो वो तुमको...
-
मुझे एक प्रेम पत्र लिखना है इन पड़े-पौधों के लिए लहराती सी इस घास के लिए इठलाते से इस झरने के लिए ठंडी सी इस पुरवाई के लिए इन...
-
youtube मैं रोज अपनी भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी से थोड़ी सी शाम बचा लेता हूँ कि तुम आओगी तो छत के इसी हिस्से पर बैठकर बातें करेंगें...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें