मंगलवार, 2 मार्च 2021

कायर

समस्याओं से लड़कर ही हम 

बार -बार गिर पड़ते है

गिरकर उठना, उठकर गिरना 

कितना मुश्किल होता है

हमसे पूछो मुसीबत में 

कौन -कितना किसका होता है पर, 

हम वो कायर लोग नहीं जो 

चलने से डरते हैं

हम वो कायर लोग नहीं जो 

मजबूर होकर मरते हैं

हम तो वो मजबूत पेड़ हैं जो 

दिन प्रतिदिन बढ़ते हैं

पत्थरों को तोड़कर कर 

हम पानी से बहते हैं

हम वो बुजदिल लोग नहीं 

जो चलने से डरते हैं


4 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय प्रीति जी , आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ | अच्छा लिख रही हैं आप | मेरी सलाह है कुछ सामूहिक ब्लॉग से जुड़िये अर्थात उन्हें फ़ॉलो करिए | जिनके लिंक इस प्रकार हैं |
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    लिखती रहिये सस्नेह शुभकामनाएं|

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    उत्तर
    1. धन्यवाद मैम आगे भी सुझाव देते रहियेगा

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